The Maulana Azad National Institute of Technology, Bhopal में केमिस्ट्री के प्रोफेसर आलोक मित्तल के खिलाफ कोर्ट में ट्रायल चलेगा। प्रोफेशनल मित्तल के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप है। उन्होंने कोर्ट में एक स्पेशल एप्लीकेशन लगाकर लोकायुक्त पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई चार्ज शीट को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने उनकी एप्लीकेशन रिजेक्ट कर दी है।
Professor Alok Mittal, MA-NIT Bhopal
लोकायुक्त पुलिस ने 15 जनवरी 2023 को पहले कंसलटेंट गोपीकृष्ण मिश्र को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद जाल बिछाकर मैनिट कैंपस में आलोक मित्तल को दबोचा था। बावड़िया कला, भोपाल निवासी प्रमिला रिछारिया की फर्म द्वारा शिवपुरी में मेडिकल वेस्ट के प्लांट का निर्माण प्रस्तावित है। प्लांट के लिए स्टेट एक्सपर्ट अप्रेजल कमेटी की रिपोर्ट आवश्यक है। कमेटी में केमिस्ट्री के विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. आलोक मित्तल द्वारा कंसलटेंट गोपीकृष्ण मिश्र के माध्यम से 7 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
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स्पेशल एप्लीकेशन में प्रोफेसर आलोक मित्तल का कहना था कि, लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार नहीं किया है। वह निर्दोष है, उन्हें फंसाया जा रहा है। भोपाल कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई करने के बाद प्रोफेसर आलोक मित्तल की एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया। अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किए गए मामले का ट्रायल चलेगा और यदि दोषी पाए जाते हैं तो उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।
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