मध्य प्रदेश विधानसभा में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा की गई और विधायकों के प्रश्नों का जवाब देते हुए पंचायत मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की।
गांवों में बैंक नहीं, लोग वेतन के लिए परेशान: विधायक मरकाम
विभागीय मांगों पर चर्चा के दौरान विधायक ओंकार सिंह मरकाम ने कहा कि सरकार को मजदूरों के हितों के लिए काम करना चाहिए। गांवों में बैंक नहीं हैं, इसका खामियाजा भी लोगों को उठाना पड़ता है। हालात यह हैं कि कई गांवों में लोगों को वेतन पान के लिए रात से लाइन लगानी पड़ती है। इसलिए सरकार भुगतान पर फोकस करें।
ग्राम पंचायत के बैंक अकाउंट का ऑडिट किया जाए: विधायक मिश्रा
इसके बाद विधायक अभय मिश्रा ने कहा कि सरपंच काम नहीं कर पाते हैं क्योंकि पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक उन्हें अपनी इच्छा के मुताबिक काम करने को मजबूर करते हैं। सरकार को चाहिए कि पंचायतों के खातों में जमा राशि की जानकारी मंगाए, खासतौर पर एससी-एसटी पंचायतों के मामले में ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
भ्रष्टाचार हुआ है, इसे स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं: पंचायत मंत्री
उन्होंने कहा कि मरे हुए हितग्राहियों के नाम पर पैसा निकल गया है। यह सही है और इसे स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है। व्यवस्था को सुधारने का काम भी किया गया है। यह स्थिति इसलिए बनी थी क्योंकि संबंधित हितग्राही का केवाईसी अपडेट नहीं था। पहले जो मजदूर जब बाहर जाते थे, उन्हें एसडीएम से परमिशन लेनी होती थी। लेकिन कोई परमिशन नहीं लेता था और ठेकेदार के साथ चले जाते थे। ऐसे में दुर्घटना होने पर उन्हें लाभ नहीं मिल पाता था। अब इस व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है।
संबल योजना का बैकलॉग 6 महीने में खत्म होगा
कांग्रेस की सरकार के समय संबल योजना में जो काम बंद हुआ था, उसका बैकलॉग अब तक क्लियर नहीं हुआ है। बैकलॉग क्लियर होने में 6 महीने का समय और लगेगा। इसके बाद योजना के हितग्राहियों को तुरंत पैसा मिलने लगेगा।
2014 के बाद ग्राम पंचायत में जातिवाद खत्म
पंचायत और ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि एक तरफ हम जाति मिटाने की बात करते हैं। दूसरी तरफ हम जाति की ही बात करते हैं कि किस जाति को क्या मिला। इसलिए हमें प्राथमिकता मौजूदा स्थितियों के हिसाब से तय करना चाहिए। मंत्री ने कहा कि 2014 के बाद शुरू हुई किसी योजना में जाति के आधार पर काम नहीं हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसका उदाहरण है।
शहर के पास वाली ग्राम पंचायत का डेवलपमेंट फार्मूला बदलेंगे
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि उन्होंने मनरेगा पर सख्ती की थी क्योंकि 7.75 लाख काम बंद थे। सख्ती करने के बाद 5.50 लाख काम पूरे हो गए। जो पंचायत भवन अटल जी के नाम पर बना रहे हैं, वह तीन मंजिल तक बन सकते हैं। इसकी प्लिंथ मजबूत कराई गई है। शहरों के पास मौजूद पंचायत के विकास का फार्मूला बदलना पड़ेगा। क्योंकि वहां कालोनियां बन रही है। विकास कार्य हो रहे हैं। हम अफसरों की सीआर में जिला पंचायत अध्यक्ष की भागीदारी करेंगे। इसके लिए तीन से चार बार में अभिमत मांगेंगे।
पुराने पंचायत भवन तोड़कर नए बनाए जाएंगे
पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि जहां भवन पुराने हैं वहां भवन डिस्मेंटल के लिए एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही पहले से पंचायत भवन वाले पंचायत में नए भवन की मंजूरी दी जाएगी। सरकार की पहली प्राथमिकता उन पंचायत में भवन बनाना है जहां अभी कोई भवन नहीं है। विभाग के बजट में 16 % की वृद्धि हुई है। वृंदावन ग्राम योजना के लिए 400 करोड़ का प्रावधान किया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में अब टोले मजरे भी जुड़ेंगे। टोले मजरों को पंचायत के मुख्यालय से जोड़ा जाएगा। अब तक तीन हजार 112 मजरों का सर्वे हो चुका है। इसमें से 1424 आईडेंटिफाई हो चुके हैं और यहां सड़क बनना तय है।
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