यदि आम आदमी नियत समय पर अपना काम पूरा ना करे तो सरकार उसे दंडित करती है परंतु यदि सरकारी अधिकारी नियत समय पर अपना काम पूरा ना करें तो उसे दंडित करने का कोई प्रावधान नहीं है। मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस ने इसी बात का फायदा उठाया और कई नेताओं एवं बड़े अफसर के ब्लैक मनी हैंडलर सौरभ शर्मा एवं उसके साथियों भूत जमानत मिल गई।
लोकायुक्त की बेशर्मी पर कोर्ट भी हैरान थी
लोकायुक्त पुलिस को 60 दिन के भीतर चालान पेश करना था। यदि जांच पूरी नहीं हुई थी तब भी चालान पेश किया जा सकता था और जांच पूरी होने के बाद चलन को क्लोज किए जाने का प्रावधान है परंतु लोकायुक्त के अधिकारियों ने पूरी बेशर्मी के साथ सौरभ शर्मा का सपोर्ट किया। 60 दिन के भीतर चालान पेश नहीं किया। लोकायुक्त की इस बेशर्मी पर कोर्ट भी हैरान थी लेकिन इससे ज्यादा कुछ कर नहीं सकती थी। मंगलवार को लोकायुक्त के विशेष न्यायाधीश श्री राम प्रताप मिश्र ने लोकायुक्त द्वारा चालान पेश नहीं किए जाने के कारण मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व सिपाही सौरभ शर्मा, उसके साथी चेतन सिंह और शरत जायसवाल को जमानत दे दी। हालांकि, आयकर विभाग (IT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) में दर्ज मामलों के कारण तीनों आरोपी अभी जेल में ही रहेंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी
दरअसल, लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा उसके दो साथी शरद जायसवाल और चेतन सिंह गौर को को 55 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए कैश बरामदगी के मामले में हिरासत में लिया था। पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था। वहीं शनिवार को भोपाल की सेंट्रल जेल में बंद तीनों आरोपियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला न्यायालय में पेशी हुई थी। कोर्ट ने 11 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश दिए थे।
सौरभ शर्मा को गिरफ्तार नहीं किया था
बता दें कि, लोकायुक्त पुलिस, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट यहां तक कि प्रवर्तन निदेशालय ने भी सौरभ शर्मा को गिरफ्तार नहीं किया था। वह अपनी इच्छा के अनुसार...
वह अपनी इच्छा के अनुसार आजादी से घूमता रहा। अग्रिम जमानत के इंतजाम करता रहा। जब अग्रिम जमानत का कोई रास्ता नहीं बचा तो। 28 जनवरी को सौरभ शर्मा कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। कोर्ट ने जांच एजेंसी से केस डायरी मंगवाई और अगले दिन आने को कहा। अगली सुबह 11 बजे जब सौरभ कोर्ट जा रहा था। हालांकि लोकायुक्त ने उसे बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त ऑफिस में 5 घंटे की पूछताछ के बाद उसके साथी चेतन गौर को भी हिरासत में लिया गया।
गोल्ड और नोटों से भरी हुई SUV मिली थी
राजधानी भोपाल में 19 दिसंबर को एक लावारिस गाड़ी से भारी मात्रा में सोना और नकदी बरामद होने से हड़कंप मच गया था। मेंडोरी गांव के कुछ स्थानीय निवासियों ने ...
मेंडोरी गांव के कुछ स्थानीय निवासियों ने पुलिस को खाली प्लॉट में खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के बारे में जानकारी दी। गाड़ी में 6 से 7 बैग रखे हुए थे, जिन्हें खोलने पर आयकर विभाग (IT) को सूचना दी गई। IT टीम ने कार्रवाई करते हुए गाड़ी का कांच तोड़ा और बैगों को बाहर निकाला। इन बैगों में 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नकद मिले।
27 दिसंबर को ईडी ने सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल, रोहित तिवारी के ठिकानों पर छापे मारे थे। सौरभ के परिजन और दोस्तों के खातों में 4 करोड़ रुपए का बैंक बैलेंस मिला। इसके अलावा 23 करोड़ की संपत्ति भी जांच के दायरे में ED ने ली थी। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में की गई जांच में 6 करोड़ रुपए की FD की जानकारी भी ईडी के हाथ लगी है। फर्मों और कंपनियों के जरिए किए गए निवेश का खुलासा हुआ है।
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