भोपाल, 22 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के स्वयंभू सरसंघचालक श्री दिग्विजय सिंह को मानवाधिकार अधिनियम 1993 की धारा 12 के तहत नोटिस जारी किया गया है। मानवाधिकार आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव एवं DGP से जानकारी मांगी है कि उन्होंने श्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ क्या कार्रवाई की।
मामले का विवरण एवं आरोप
यह मामला केस संख्या: 2430/12/49/2026 के तहत दर्ज किया गया है। आयोग के समक्ष प्रस्तुत शिकायत (दिनांक 22/10/2026) के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन धर्म यात्रा के दौरान बच्चों का प्रयोग कर उनसे राजनीतिक नारे लगवाए गए। इस कथित घटना के वीडियो एवं छायाचित्र 22 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर प्रसारित किए गए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बच्चों को वित्तीय प्रलोभन (धन के लेनदेन) के माध्यम से यात्रा में लाया गया हो सकता है। यह कृत्य बाल अधिकारों एवं लागू बाल संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन है। शिकायत में घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा आयोजकों व जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।
आयोग के निर्देश एवं वैधानिक कार्रवाई
माननीय पीठ ने मामले का अवलोकन करने के पश्चात पाया कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया (Prima Facie) बच्चों के अधिकारों के उल्लंघन को दर्शाते हैं। इसके मद्देनजर आयोग ने मुख्य सचिव (मध्य प्रदेश) और DGP (मध्य प्रदेश) को निर्देश दिया गया है कि वे शिकायत में वर्णित आरोपों की विस्तृत जांच कराएं। विशेष रूप से वित्तीय लेनदेन के माध्यम से बच्चों के शोषण/प्रलोभन और बाल संरक्षण कानूनों के उल्लंघन के पहलुओं की जांच कर 2 सप्ताह के भीतर आयोग के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (भारत सरकार) को सोशल मीडिया पर बच्चों के फोटो/वीडियो के कथित उपयोग के संबंध में जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। आयोग के सहायक रजिस्ट्रार (कानून) ब्रजवीर सिंह द्वारा हस्ताक्षरित इस नोटिस में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कार्रवाई रिपोर्ट की प्रति आयोग की आधिकारिक ईमेल आईडी (bench-mpk@gov.in) पर भी प्रेषित की जाए।

